कलेक्टर साहब! कंट्रोल रूम बनाने से नहीं, मड़ीखेड़ा के पानी से ही होगी शहर में जलापूर्ति, कागजों में तो 70 साल से देख रहे है

सतेन्द्र उपाध्याय@शिवपुरी। आज शिवपुरी के नए कलेक्टर के कार्यालय से सरकारी प्रेस नोट जारी किया है जिसमें उल्लेख किया है कि जिले के नए कलेक्टर ने शिवपुरी में व्याप्त पेयजल की समस्या से निपगने के लिए कंट्रोल रूम बनाया है, यह पहली बार नहीं है कि पानी की किल्लत को लेकर कलेक्टर कार्यालय से यह प्रेस नोट जारी हुआ है, माननीय कलेक्टर महोदय कंट्रोल रूम से नहीं पानी मड़ीखेड़ा से मिलेगा, जो आप पब्लिक को दिलाने में नाकाम दिख रहे है।
पहले पढ़िए कलेक्टर महोदय का वह प्रेस नोट
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने पेयजल संबंधी समस्या को देखते हुए कंट्रोल रूम गठन करने के निर्देश दिए थे जिससे कि पेयजल संबंधी समस्या का निराकरण किया जा सके। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार शिवपुरी नगरपालिका क्षेत्र में आगामी ग्रीष्म ऋतु में संभावित पेयजल समस्या को ध्यान में रखते हुए आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु कंट्रोल रूम का गठन किया गया है।
नागरिक इस नंबर पर दे सकते हैं सूचना
नागरिक जल प्रदाय से संबंधित अपनी शिकायतें कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9202140627 पर दर्ज करा सकते हैं। कंट्रोल रूम में ड्यूटी के लिए श्री जितेन्द्र रजक (मो. 9302701881), नगरपालिका परिषद शिवपुरी को प्रातः 06:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक तथा श्री जमालुद्दीन खान (मो. 8319146244), डाटा एंट्री ऑपरेटर, कार्यालय आरईएस शिवपुरी को दोपहर 01:30 बजे से रात्रि 09:00 बजे तक नियुक्त किया गया है। संबंधित कर्मचारी नागरिकों से प्राप्त पेयजल समस्याओं को पंजी में दर्ज कर संबंधित जोन प्रभारी/उपयंत्री को अवगत कराएंगे तथा समस्या के निराकरण उपरांत उसका विवरण भी पंजी में अंकित करेंगे।
कंट्रोल रूम के प्रभारी रमेश कुमार सिंह (मो. 7987169492), सिटी मिशन मैनेजर नियुक्त किए गए हैं, जो प्रतिदिन की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे। प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु कंट्रोल रूम का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जा सके।
साहब! प्रेस नोट का कंट्रोल रूम बनाने से नहीं मड़ीखेड़ा के सुधारने से मिलेगा शहर को पानी
शिवपुरी के नवागत कलेक्टर महोदय को भले ही आधा माह यानि 15 दिन से ज्यादा हो गए परन्तु शिवपुरी के उनके अधीनस्थ अमले ने उन्हें फीडबैक दिया है कि जल आपूर्ति के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर दो तो पब्लिक को पानी से राहत मिल सकती है। परंतु महोदय कंट्रोल रूम में शिकायत तो दर्ज हो सकती है परन्तु पानी की आपूर्ति के लिए तो आपको मड़ीखेड़ा को सुचारू रूप से चलाना पड़ेगा।
हालात यह है कि बीते 5 दिन से मड़ीखेड़ा बंद है, लाखों रुपए की तनख्वाह पाने वाले इंजीनियरों को पहले तो यह भी पता नहीं चल सका कि मोटर खराब है या स्टारकर, जब दिल्ली की टीम आई तो उन्होंने मोटर खराब की बात कही ओर उसे सुधारकर मड़ीखेड़ा को चालू कराया।परंतु फिर तूफान आने से मड़ीखेड़ा पर बिजली सप्लाई बंद हो गई, ओर कल दिन भर मड़ीखेड़ा बंद रही, जैसे तैसे आज सुबह कुछ मिनट के लिए यह सप्लाई चालू हुई की फिर इसमें खराबी हो गई और फिर सप्लाई बंद हो गई, लोग यहां भरी गर्मी में कट्टी लेकर घूम रहे है।
