सिरसोद टोल प्लाजा बना वसूली का केंद्र:निजी वाहनों का कट रहा है टोल, जिन सड़को की मरम्मत के लिए बनाया गया, वह पूरी तरह बदहाल

शिवपुरी। खबर जिले के शिवपुरी-श्योपुर हाइवे पर सिरसौद के पास कमर्शियल वाहनों के लिए बनाए गए टोल पर निजी वाहनों से भी टोल की वसूली की जा रही है। नियम विरूद्ध रूप से संचालन कंपनी निजी वाहनों से वसूली कर रही है। यहां से निकलने वाले वाहनों में लगे फास्टैग से स्वतः ही 80 रुपये का टोल कट रहा है जबकि नियमानुसार यहां से निजी वाहनों से टोल बसूल नहीं किया जा सकता है। यह टोल साइड लेन से गुजरने से भी कट रहा है। यह प्रक्रिया भी नियमित नहीं है। बल्कि कभी-कभी ही टोल कटता है, विभाग से तकनीको परेशानी बता रहा है।
बता दें कि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ने ओएमटी (आपरेशन मेंटेनेंस एंड ट्रांसफर) परियोजना के तहत प्रदेश के 10 स्टेट हाइवे पर टोल प्लाजा स्थापित किए हैं जिसमें 85.40 किमी लंबा शिवपुरी श्योपुर स्टेट हाइवे भी शामिल है। ओएमटी परियोजना के तहत यहां पर 10 साल के लिए टोल स्थापित है जिसमें यहां से गुजरने बाले कमर्शियल वाहनों से टोल लिया जाता है और निजी वाहनों को छूट है। यहां पर आरएमएन टोलवेज प्रालि कंपनी को काम दिया गया है। यहां पर फास्टैग से टोल काटने को व्यवस्था भी है। ऐसे में जब यहां से निजी वाहन गुजरते हैं तो उनका टोल भी कई बार कट जाता है। यह नियमित रूप से नहीं होता है, बल्कि कभी-कभार होता है।
इसकी जानकारी वाहन चालक को काफी दूर निकलने के बाद पता चलती है इसलिए वह वापस भी नहीं आता है। ऐसे में संचालन कंपनी द्वारा लगातार निजी वाहन चालकों के साथ इस तरह की वसूली की जा रही है। वहीं सिरसौद के टोल पर कुछ समय पहले ही फास्टैग रीड करने के लिए सेंसर लगाए गए हैं, इसके बाद से यहां परेशानी आना शुरू हुई है। सेंसर साइड की लेन से गुजरने वाले वाहनों के फास्टैग से काट रहा है। इसके संबंध में टोल का संचालन करने वाली कंपनी को विभाग ने सुधार के लिए बोला भी है लेकिन अब तक इसमें सुधार नहीं किया गया।
इसके चलते कई लोगों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं ओएमटी परियोजना के तहत यहां टोल से मिलने वाली राशि से इस सड़क का मेंटेनेंस भी किया जाना है, इसके बाद भी कंपनी द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है। शिवपुरी से श्योपुर तक का रास्ता बेहद खराब है।
सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं जो वाहनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और हादसे की आशंका भी बनी रहती है। सेसईपुरा से कराहल तक जरूर चोतों को छोड़ते समय प्रधानमंत्री के आने के चलते मेंटेनेंस का काम किया गया था, लेकिन अब फिर से इस सड़क की हालत खराब हो चुकी है।
इस सड़क को लेकर एमपीआरडीसी का मानना था कि इस रोड पर सामान्य की बजाए ज्यादातर कमर्शियल वाहन दौड़ते हैं जिससे सड़क पर टूट-टूट फूट जल्दी होती है। बार-बार मेंटेनेंस के बाद भी सड़क उखड़ती हुई चली जाती है। आपरेशन मेंटेनेंस एंड ट्रांसफर (ओएमटी) प्रोजेक्ट के तहत गोरस से लेकर शिवपुरी तक सड़क तैयार किए जाने की योजना बनाई गई थी।
इस प्रोजेक्ट में निर्माण एजेंसी को हाइवे की तरह पूरी सड़क को तैयार करना था और परिवहन शुरू होने पर रहेगी। सड़क पर परिवहन शुरू होने के बाद निर्माण एजेंसी खुद ही इस सड़क पर दौड़ने वाले कमर्शियल वाहनों से टोल वसूल करेगी। इस टोल राशि से सड़क का मेंटेनेस कराया जाएगा, इसके लिए एमपीआरडीसी ने टेंडर मांगे है।
फास्टैग से अपने आप कट रहे रुपए
वाहन क्रमांक एमपी07 सीएच 0954 28 10 अक्टूबर को दोपहर 3.34 पर टोल से गुजरा। चालक ने वाहन साइडलेन से निकाला, लेकिन कुछ देर बाद 80 रुपये कटने का मैसेज फोन पर आया। यह कमर्शियल वाहन नहीं है। शिवपुरी से पोहरी जा रहे वाहन कमांक एमपी07 सीसी 0937 से 30 नवंबर को 80 रुपये का टोल काटा गया, जबकि वाहन साइडलेन से ही गुजरा था। यह भी निजी वाहन है जिससे टोल नहीं लिया जाना चाहिए।
इनका कहना है।
यह परेशानी संज्ञान में आई है और इसके बाद हमने संबंचित कंपनी को निर्देशित किया हुआ है कि निजी वाहनों से टोल न कटे। यह तकनीकी परेशानी के कारण हो रहा है, फिर से कंपनी को पत्र लिखेंगे जिससे वह अपने तकनीकी विशेषज्ञ से इस समस्या को दूर कराएंगे।
सुनील बोहरे, एजीएम एमपीआरडीसी
