चतुर्भु्ज हॉस्पीटल:जिले का पहला हॉस्पीटल,जहां बदला गया सफल तरीके से वृद्ध का कूल्हा

शिवपुरी। इन दिनों शिवपुरी जिला स्वास्थ्य सेवाओं में नित नए आयाम गढ रहा है। लगातार यहां एक के बाद एक सर्जरीयों से लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। मेडीकल कॉलेज के साथ साथ यहां प्रायवेट अस्पतालों में भी स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।
इसी के चलते मेडीकल कॉलेज के पास स्थित चतुर्भुज हॉस्पिटल में एक वृद्ध का कूल्हा रिपेल्समेंट किया गया है। जहां बीते रोज 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से शुभ अवसर पर घुटने के प्रत्यारोपण अर्थात जिसे टोटल नी रिप्लेसमेंट (टीकेआर) या नी आर्थोप्लास्टी के रूप में भी जाना जाता है, ( एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें सर्जन हड्डियों की क्षतिग्रस्त सतहों को बदल देते हैं जो एक कृत्रिम सामग्री या इम्प्लांट के साथ घुटने के जोड़ को बनाते हैं) का सफल ऑपरेशन किया गया जो कि शिवपुरी वासियों के हर्ष का विषय है।
जानकारी के अनुसार शिवपुरी खरई जालिम के निवासी बारेलाल उम्र 62 वर्ष पिछले कई दिनों से घुटने के दर्द एवं सही से न चल पाने के कारण परेशान थे किंतु शिवपुरी में सभी हॉस्पिटल में ईलाज कराने बाद भी आराम नही मिला । तत्पश्चात श्री बारेलाल जी ने डॉ. अरविंद करोरिया ( ऑर्थोपेडिक सर्जन) को अपनी समस्या को दिखाया तब डॉक्टर के द्वारा उक्त मरीज को घुटने के प्रत्यारोपण करने की सलाह दी । मरीज के द्वारा डॉक्टर की बात को मानकर चतुर्भुज हॉस्पिटल में भर्ती हुआ जहां बीते रोज डॉ. अरविंद करोरिया ( ऑर्थोपेडिक सर्जन ) एवं चतुर्भुज हॉस्पिटल की टीम के द्वारा श्री बारेलाल जी के घुटने के प्रत्यारोपण का सफल ऑपरेशन किया गया।
जिसमें डॉ. करोरिया जी ने बताया कि घुटने बदलने का ऑपरेशन कुछ विशेष परिस्थितियों में किया जाता है जिसमें घुटनों का गठिया ( गेप आना / ग्रीस कम होना ) या पुरानी चोट की वजह से घुटने का खराब होना शामिल है जिसमें घुटने को ऑपरेशन के द्वारा बदला जाता है जिसके परिणामस्वरूप मरीज का दर्द चला जाता है एवं घुटना पूरा चलने लगता है और मरीज मानसिक रूप से स्वस्थ हो जाता है इसके साथ मरीज का चलना फिरना आसान हो जाता है।
लोगो में डर रहता है कि बहुत बड़ा ऑपरेशन है, ऑपरेशन के बाद परेशानी आती है जबकि ऐसा कुछ नही होता, मरीज फिर से पहले की तरह चलने लगता है। मिली जानकारी के अनुसार चतुर्भुज हॉस्पिटल शहर का एक मात्र ऐसा संस्थान है जहां आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी बड़े ऑपरेशन जो कि एक विशेष ओ.टी. (मॉड्यूलर ओ.टी.) में किये जाते हैं जो कि चतुर्भुज हॉस्पिटल में उपलब्ध है में उक्त मरीज का ऑपरेशन किया गया जो कि शिवपुरी जिले की चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत बड़ी क्रांति है।
