लिव-इन पार्टनर की बच्ची और मां के किडनैपिंग केस में एक और इनामी आरोपी गिरफ्तार, अब तक 4 सलाखों के पीछे

शिवपुरी। शहर के बहुचर्चित मां-बेटी अपहरण कांड में कोतवाली पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले में फरार चल रहे 5,000 रुपये के इनामी आरोपी आकाश उर्फ विशाल शर्मा को मेडिकल कॉलेज के पास से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र चौहान सहित तीन आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
घटना 8 मई 2026 की है, जब फरियादिया नीलम गुहारिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी, जो आरोपी पुष्पेंद्र चौहान के साथ लिव-इन में रहती थी, आरोपी की प्रताड़ना से तंग आकर वापस शिवपुरी रहने आ गई थी। 8 मई की रात पुष्पेंद्र अपने 8-10 साथियों के साथ कार से आया और फरियादिया की बेटी व उसकी 3 माह की मासूम बच्ची को जबरन उठा ले गया। रोकने पर आरोपियों ने हॉकी-डंडों से मारपीट कर माता-पिता को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
कोतवाली पुलिस ने इस मामले में धारा 137(2), 140(3) BNS और SC-ST एक्ट सहित आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने आरोपियों पर इनाम घोषित कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
कोतवाली टीआई रोहित दुबे ने अलग-अलग टीमें गठित कीं। सीसीटीवी कैमरों और साइबर सेल की मदद से पुलिस ने पहले मुख्य आरोपी 10 हजार के इनामी पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसके साथी टिंकल सोलंकी और राजा कुशवाह को जेल भेजा गया। इसी कड़ी में आज 12 मई को 5,000 के इनामी आरोपी आकाश उर्फ विशाल शर्मा (28 वर्ष), निवासी करैरा को मेडिकल कॉलेज के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।
इस चुनौतीपूर्ण कार्रवाई में कोतवाली टीआई रोहित दुबे, उपनिरीक्षक सुमित शर्मा, आदित्य राजावत, अमित चतुर्वेदी, पूजा घुरैया, सउनि प्रवीण त्रिवेदी, विवेक भट्ट सहित साइबर सेल की विशेष भूमिका रही।
