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प्रशासन की मुस्तैदी से रुका बाल विवाह, नाबालिगों के हाथ पीले होने से पहले पहुंची महिला बाल विकास की टीम

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शिवपुरी। जिले में बाल विवाह रोकने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान और प्रशासन की सक्रियता का बड़ा असर देखने को मिला है। शुक्रवार को खनियाधाना के ग्राम छिराई में होने वाले एक बाल विवाह को महिला बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने समय रहते रुकवा दिया।

जानकारी के अनुसार, चाइल्ड लाइन के माध्यम से प्रशासन को शिकायत मिली थी कि ग्राम छिराई में एक नाबालिग लड़के का विवाह ग्राम नदावन की एक नाबालिग लड़की के साथ आज दिनांक 08 मई 2026 को संपन्न होने जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रियंका बुनकर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

जैसे ही टीम ग्राम छिराई पहुंची, वहाँ शादी की तैयारियां चल रही थीं। टीम में शामिल पर्यवेक्षक सुनीता सूत्रकार, रंजना उपाध्याय, वैशाली राणा सहित पुलिस विभाग के बीट प्रभारी नरेंद्र पाल, एएसआई संदीप कुजूर और प्रधान आरक्षक दिनेश प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को रोका।

अधिकारियों ने परिवार को बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 की कड़ाई से जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि लड़के की उम्र 21 वर्ष और लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम होने पर विवाह करना कानूनी अपराध है। ऐसा करने पर 2 साल की कठोर सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

शुरुआती हिचकिचाहट के बाद, टीम की समझाइश का असर हुआ और लड़के-लड़की के माता-पिता शादी रोकने पर सहमत हो गए। परिजनों ने लिखित कथन दिया कि वे अब बच्चों की शादी तभी करेंगे जब वे पूरी तरह बालिग हो जाएंगे। कार्रवाई के दौरान ग्राम की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भी उपस्थित रहीं। प्रशासन की इस सजगता की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।

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