शिवपुरी नपा रिश्वत कांड: अब भोपाल में मचेगी खलबली, लोकायुक्त महानिदेशक से मिले RBUS अध्यक्ष, CMO को सह-आरोपी बनाने की मांग

भोपाल/शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका का बहुचर्चित रिश्वत कांड अब प्रदेश की राजधानी भोपाल की दहलीज तक पहुँच गया है। राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति (RBUS) ने इस मामले में मोर्चा खोलते हुए प्रदेश लोकायुक्त से शिकायत कर नगरपालिका सीएमओ (CMO) इशांक धाकड़ की भूमिका की गहन जांच करने और उन्हें इस कांड में सह-आरोपी बनाने की पुरजोर मांग की है।
बुधवार को संगठन के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार सौरभ शर्मा के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भोपाल स्थित लोकायुक्त भवन पहुँचा। यहाँ प्रतिनिधिमंडल ने लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने पीड़ित कर्मचारी हरीवल्लभ चंदौरिया द्वारा दिए गए शपथ पत्र और आवेदन को आधार बनाकर एक औपचारिक शिकायत सौंपी। मुलाकात के दौरान लोकायुक्त महानिदेशक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष और सघन जांच का आश्वासन दिया है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत नवंबर 2025 में हुई थी, जब शिवपुरी नपा सीएमओ इशांक धाकड़ ने एआरआई (ARI) हरीवल्लभ चंदौरिया को निलंबित कर दिया था। आरोप है कि बार-बार निवेदन के बावजूद उन्हें बहाल नहीं किया गया। इसके बाद स्थापना बाबू भगवानलाल करोसिया ने सीएमओ के नाम पर बहाली के बदले 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर ने बाबू करोसिया को 40 हजार रुपये की दूसरी किस्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पीड़ित चंदौरिया का दावा है कि बाबू करोसिया ने लोकायुक्त के समक्ष दिए बयानों में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि उसने यह रिश्वत सीएमओ के कहने पर ही ली थी। इसके बावजूद अब तक सीएमओ पर कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़ित कर्मचारी चंदौरिया ने न्याय न मिलने पर राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति (RBUS) के शिवपुरी कार्यालय में गुहार लगाई थी। मामले की संवेदनशीलता और एक अनुसूचित जाति के कर्मचारी के मानसिक उत्पीड़न को देखते हुए संगठन के प्रदेश महासचिव अजय सिंह कुशवाह और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने इसे भोपाल स्तर पर उठाने का निर्णय लिया।
लोकायुक्त कार्यालय पहुँचे प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष सौरभ शर्मा के साथ लीगल एडवाइजर अधिवक्ता अक्षत तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार पूनम शर्मा एवं अलंकृति दुबे मुख्य रूप से शामिल थे।
इनका कहना है।
मामला एक कर्मचारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और भ्रष्टाचार का है। हमने कानूनी सलाहकारों के साथ मिलकर लोकायुक्त को आवेदन दिया है। पीड़ित की लड़ाई लड़ने के लिए हमारा संगठन पूरी तरह तैयार है और हम इस मामले की अंतिम निष्कर्ष तक निगरानी करेंगे।
सौरभ शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष (RBUS)
