swatantra shivpuri 97

सस्पेंस का काला कनेक्शन: हत्या के प्रयास में इस्तेमाल हुई उस कार का क्या है राज? X-मंत्री के भतीजे को आखिर DSP ने क्यों गिफ्ट की कार?

  • स्वतंत्र शिवपुरी की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट: आधी रात को चली गोलियां, लेकिन सुइयां जाकर टिकीं उस गाड़ी पर… जो सस्पेंस की नई कहानी कह रही है!
swatantra shivpuri 97

प्रिंस प्रजापति@शिवपुरी। शहर के सिटी कोतवाली क्षेत्र के सिंहनिवास गांव में रविवार की रात जो खूनी खेल खेला गया, वह अब केवल एक क्राइम तक सीमित नहीं रह गया है। इस वारदात के पीछे छिपे राज अब धीरे-धीरे परतों की तरह खुल रहे हैं, जिसमें सियासत, रसूख और एक फिल्मी स्टोरी का तड़का लगा हुआ है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सस्पेंस बनकर उभरी है वह कार, जो इस वक्त पुलिस कस्टडी में है।

वारदात के बाद पुलिस ने जिस गाड़ी को जब्त किया है, वह शहर में चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है। हैरानी इस बात की है कि पूर्व मंत्री का दबंग भतीजा जिस गाड़ी में बैठकर हमला करने पहुंचा था, वह किसी आम आदमी की नहीं, बल्कि एक रिटायर्ड डीएसपी के नाम पर दर्ज है। सवाल यह उठता है कि एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की गाड़ी अपराध की राह पर कैसे निकल पड़ी?

स्वतंत्र शिवपुरी की पड़ताल में एक ऐसा मोड़ सामने आया है जो किसी को भी हैरत में डाल दे। चर्चाओं की मानें तो इस गाड़ी का कनेक्शन एक कथित स्टोरी से जुड़ा है। जिसके चलते रिटायर्ड डीएसपी के नाम पर लेकर उसे गिफ्ट कर दी है।

शहर में दबी जुबान में चर्चा है कि यह कार किस एवज में गिफ्ट की गई थी? यह बात भी निकलकर सामने आ रही है कि आरोपी को यह गाड़ी किसी बेहद करीबी रिश्ते के चलते उपहार के रूप में मिली थी। जब आपके ताऊ पूर्व मंत्री हों, तो हौसले सातवें आसमान पर होना लाजिमी है। पूर्व मंत्री के भतीजे की दबंगई का आलम यह था कि उसे न तो पुलिस का डर था और न ही किसी अधिकारी की गाड़ी के दुरुपयोग का मलाल। लेकिन कहते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं।

​सपनों की सवारी अब पुलिस की कस्टडी में
लेकिन सस्पेंस तब गहरा जाता है जब यह पता चलता है कि इसी गिफ्ट वाली गाड़ी में बैठकर आधी रात को फिल्मी अंदाज में किसी के घर पर फायरिंग की गई। आज वह गिफ्ट की गई कार और मंत्री जी का भतीजा दोनों ही थाने की हवा खा रहे हैं।

इस टेरर गिफ्ट और कार के काले कनेक्शन ने पूर्व मंत्री के परिवार की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर यह स्टोरी है या हथियारों और रसूख का खौफनाक गठजोड़? शहर के हर चौक-चौराहों पर आज बस एक ही सवाल है इस रहस्यमयी गाड़ी का असली मालिक कौन है और इस गिफ्ट के पीछे का असली खेल क्या है?​

पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन शहर यह जानना चाहता है कि आखिर उस कार का असली राज क्या है जिसे आरोपी अपना मानकर रसूख दिखा रहा था। हालांकि स्वतंत्र शिवपुरी इन चर्चाओं की पुष्टी नहीं करता है। अब इसके पीछे जो असल कहानी है उसकी और पहुंचने के लिए स्वतंत्र शिवपुरी की टीम लगी हुई है।

यह खबर भी पढ़ें…

Advertisement

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *