BAIRAD NEWS – बैराड़ में खाद्य पदार्थों में मिलावट का खतरनाक खेल जारी: मिलावट के जहर से स्वास्थ्य पर कहर

प्रिन्स प्रजापति@शिवपुरी। खाद्य पदार्थों में मिलावट का खतरनाक खेल कड़े कानून के बाद भी थम नहीं पा रहा है। मिलावटी खाद्य सामग्री के उपयोग से लोगों को गंभीर बीमारियां घेरती जा रही हैं, लेकिन मिलावट करने वाले सींखचों के पीछे नहीं जा पा रहे हैं। मिलावट के काले कारोबार पर लगातार नजर रखने की जिम्मेदारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की है। वास्तविकता यह है कि विभाग खास मौकों यानी त्योहारों पर सक्रिय नजर आता है। यह सक्रियता भी केवल नमूने लेकर जांच के लिए भेजने तक ही होती है। जांच रिपोर्ट भी 14 दिन में देने का प्रावधान है, लेकिन छह-छह महीनों तक रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। ऐसे में मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हो गए। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारों से सख्त कार्रवाई की दरकार है।
गौरतबल है कि बैराड़ में दूध डेयरी, मिठाईयों की दुकान सहित विभिन्न प्रकार की खाद्य पदार्थों की दुकानें बिना लाईसेंस के चल रही है। बिना किसी डर के दुकानदार जहर बेचकर उफभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। संबंधित विभाग की कार्यवाही के दोरान दुकानदार दुकानें बंद करके भाग जाते है। इसके बाद पुन: जहर बेचने के लिए तैयार है। डेयरी की बात करे तो मिलावट के साथ दूध, घी, मावा, पनीर आदि मिलावट के बेचे जा रहे है। जिसका प्रमाण विभागीय टीम की कार्यवाही के दौरान दुकानदारों का दुकान बंद कर भाग जाना है। खाद्यविभाग बैराड़ क्षेत्र में नकेल कसने की बजह उन पर कार्यवाही न कर इन मिलावटखेारों कों सरंक्षण दे रहा है।

बता दे कि दुकानों पर पाउडर मिश्रित दूध, बेसन में आटा व मिठाइयों में रेडीमेड खोआ व छेना की मिठाई बेची जा रही है। वहीं किराना की दुकानों में भी मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री जोरों पर चल रहा है। इससे उपभोक्ता गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं और स्वास्थ्य भी गिर रहा है। विभाग मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय अनजान बना हुआ है। सरकारी महकमा द्वारा उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए प्रयास किया जा रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों की वजह से मिलावटी खाद्य पदार्थों व मिलावटखोरों पर नकेल नहीं कसा जा रहा है।
