थ्रेसर की मरम्मत के दौरान मिले 4 लाख से अधिक के जेवर, मिस्त्री ने किसान को लौटाकर पेश की ईमानदारी की मिसाल

शिवपुरी। जिले के भौंती कस्बे में एक मिस्त्री ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। रौनक इंजीनियर वर्कशॉप के संचालक गोपाल झा को एक किसान के थ्रेसर की मरम्मत करते समय सोने-चांदी के कीमती आभूषण मिले। इनकी कीमत चार लाख रुपये से अधिक बताई गई है। गोपाल ने बिना देर किए किसान को इसकी सूचना दी और सभी जेवर सुरक्षित वापस लौटा दिए।
थ्रेसर के अंदर मिला स्टील का डिब्बा
जानकारी के अनुसार, ककराऊआ ठुनी गांव के पूर्व सरपंच और किसान रामकृष्ण लोधी अपना थ्रेसर ठीक कराने के लिए गोपाल झा की वर्कशॉप पर लेकर आए थे। मरम्मत और सफाई के दौरान गोपाल को थ्रेसर के भीतर एक स्टील का डिब्बा दिखाई दिया।
डिब्बे को खोलकर देखा तो उसमें मंगलसूत्र, झुमकी, बिछुआ, बिछिया और कमर पेटी सहित कई आभूषण रखे हुए थे। जेवर कीमती होने के कारण गोपाल ने तुरंत थ्रेसर मालिक से संपर्क किया।
चोरी के डर से छिपाए थे आभूषण
किसान परिवार के मुताबिक, घर में चोरी होने की आशंका के चलते उन्होंने पहले आभूषण थ्रेसर के अंदर छिपाकर रख दिए थे। समय बीतने के साथ परिवार के लोग इस बात को भूल गए और काफी समय तक जेवर तलाशते रहे।
थ्रेसर की मरम्मत के दौरान अचानक आभूषण मिलने और वापस मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली। गोपाल झा ने सभी जेवर रामकृष्ण लोधी को सौंप दिए।
कस्बे में हो रही ईमानदारी की चर्चा
कीमती आभूषण मिलने के बावजूद उन्हें अपने पास रखने के बजाय मालिक को लौटाने के गोपाल झा के फैसले की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं। भौंती और आसपास के इलाकों में उनके इस कदम की चर्चा है। लोगों का कहना है कि इस तरह की ईमानदारी समाज में भरोसे और सकारात्मकता को मजबूत करती है।
